RPSC FIRST GRADE SPECIAL EDUCATION NOTES

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (National Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities – NIEPVD) | RPSC First Grade Special Education Notes

परिचय

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (National Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities – NIEPVD), देहरादून भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities – DEPwD) के अधीन कार्यरत एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है। यह संस्थान दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण, मानव संसाधन विकास तथा सहायक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश का अग्रणी संस्थान माना जाता है।

यह संस्थान भारत में दृष्टिबाधित एवं अल्पदृष्टि (Low Vision) वाले व्यक्तियों के समग्र विकास के लिए कार्य करता है। इसके द्वारा बच्चों, युवाओं तथा वयस्कों के लिए शैक्षणिक, व्यावसायिक, चिकित्सीय तथा सामाजिक पुनर्वास सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। साथ ही यह संस्थान विशेष शिक्षकों, पुनर्वास विशेषज्ञों तथा अन्य पेशेवरों के प्रशिक्षण का भी राष्ट्रीय केंद्र है।

विशेष शिक्षा के क्षेत्र में यह संस्थान न केवल सेवाएँ प्रदान करता है, बल्कि शिक्षण सामग्री का विकास, अनुसंधान, प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करना तथा राज्य सरकारों एवं अन्य संस्थाओं को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण दायित्व है।


संस्थान का इतिहास

स्वतंत्रता के बाद भारत में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं का अभाव था। देश में कुछ विद्यालय एवं स्वयंसेवी संस्थाएँ कार्य कर रही थीं, परन्तु राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा कोई संस्थान नहीं था जो दृष्टि दिव्यांगता से संबंधित सभी सेवाओं को एकीकृत रूप से संचालित कर सके।

दृष्टिबाधित व्यक्तियों की बढ़ती आवश्यकताओं, प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की कमी तथा अनुसंधान एवं शिक्षण सामग्री के अभाव को देखते हुए भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया।

इसी उद्देश्य से वर्ष 1979 में National Institute for the Visually Handicapped (NIVH) की स्थापना देहरादून में की गई।

बाद में दिव्यांगता के प्रति सम्मानजनक एवं अधिकार-आधारित भाषा को अपनाने के उद्देश्य से संस्थान का नाम बदलकर National Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities (NIEPVD) कर दिया गया। यह परिवर्तन दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) की भावना के अनुरूप किया गया।


स्थापना

विवरणजानकारी
आधिकारिक नामNational Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities (NIEPVD)
पूर्व नामNational Institute for the Visually Handicapped (NIVH)
स्थापना वर्ष1979
मुख्यालयदेहरादून, उत्तराखण्ड
प्रशासनिक नियंत्रणदिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

परीक्षा तथ्य: RPSC परीक्षा में संस्थान का वर्तमान एवं पूर्व नाम दोनों पूछे जा सकते हैं। इसलिए दोनों नाम याद रखना आवश्यक है।


संस्थान की स्थापना के उद्देश्य

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान की स्थापना निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्यों से की गई—

  • दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना।
  • विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों का प्रशिक्षण देना।
  • दृष्टिबाधिता के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना।
  • ब्रेल एवं अन्य सुलभ शिक्षण सामग्री विकसित करना।
  • सहायक उपकरणों एवं सहायक प्रौद्योगिकी का विकास एवं प्रसार करना।
  • दृष्टिबाधित व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना।
  • समावेशी शिक्षा के लिए विद्यालयों एवं शिक्षकों को तकनीकी सहायता प्रदान करना।
  • राज्य सरकारों तथा अन्य संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करना।

दृष्टि दिव्यांगता (Visual Disability) का अर्थ

दृष्टि दिव्यांगता से आशय ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति की देखने की क्षमता सामान्य स्तर से कम हो जाती है तथा इसका प्रभाव उसके दैनिक जीवन, शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक सहभागिता पर पड़ता है।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार दृष्टि दिव्यांगता के अंतर्गत मुख्यतः निम्न स्थितियाँ सम्मिलित हैं—

  • Blindness (पूर्ण दृष्टिबाधिता)
  • Low Vision (अल्पदृष्टि)

इस प्रकार NIEPVD केवल पूर्णतः नेत्रहीन व्यक्तियों के लिए ही नहीं, बल्कि अल्पदृष्टि वाले व्यक्तियों के लिए भी कार्य करता है।


संस्थान का दृष्टिकोण (Vision)

ऐसा समावेशी समाज विकसित करना जहाँ दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जीवन एवं राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में समान अवसरों के साथ सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकें।


संस्थान का मिशन (Mission)

दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण हेतु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा सहायक प्रौद्योगिकी के माध्यम से उनकी स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना।


संस्थान के प्रमुख उद्देश्य

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना

संस्थान का प्रमुख उद्देश्य दृष्टि दिव्यांग बच्चों एवं युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए विशेष शिक्षण विधियों, ब्रेल, स्पर्श आधारित शिक्षण सामग्री तथा डिजिटल संसाधनों का उपयोग किया जाता है।


पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करना

संस्थान दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों को समग्र पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करता है ताकि वे आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर सकें।

इन सेवाओं में शामिल हैं—

  • कार्यात्मक मूल्यांकन
  • परामर्श सेवाएँ
  • गतिशीलता प्रशिक्षण
  • दैनिक जीवन कौशल
  • व्यावसायिक पुनर्वास
  • परिवार परामर्श

मानव संसाधन विकास

देश में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों तथा पुनर्वास विशेषज्ञों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए संस्थान विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।


अनुसंधान एवं नवाचार

संस्थान दृष्टि दिव्यांगता के क्षेत्र में अनुसंधान करता है, जिनमें प्रमुख विषय हैं—

  • ब्रेल शिक्षा
  • समावेशी शिक्षा
  • सहायक प्रौद्योगिकी
  • लो-विजन सेवाएँ
  • डिजिटल अभिगम्यता (Digital Accessibility)
  • शिक्षण-अधिगम सामग्री का विकास

समाज में जागरूकता बढ़ाना

संस्थान विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षणों के माध्यम से समाज में दृष्टि दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करता है।


संस्थान के प्रमुख कार्य

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान बहुआयामी कार्य करता है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं—

विशेष शिक्षा

संस्थान दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आयु एवं आवश्यकता के अनुसार शैक्षिक सेवाएँ उपलब्ध कराता है। इसमें प्रारम्भिक हस्तक्षेप, विद्यालयी शिक्षा, शिक्षक सहयोग तथा समावेशी शिक्षा के लिए तकनीकी सहायता शामिल है।


प्रारम्भिक हस्तक्षेप (Early Intervention)

यदि दृष्टि संबंधी समस्या का प्रारम्भिक अवस्था में पता चल जाए और समय पर उचित प्रशिक्षण एवं सहायता मिल जाए, तो बच्चे का संज्ञानात्मक, भाषा, सामाजिक तथा शारीरिक विकास बेहतर ढंग से हो सकता है।

इस उद्देश्य से संस्थान प्रारम्भिक हस्तक्षेप सेवाएँ प्रदान करता है।


कार्यात्मक दृष्टि मूल्यांकन (Functional Vision Assessment)

प्रत्येक दृष्टिबाधित व्यक्ति की आवश्यकताएँ अलग-अलग होती हैं। इसलिए संस्थान कार्यात्मक दृष्टि का विस्तृत मूल्यांकन करता है, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि व्यक्ति ब्रेल, बड़े अक्षरों (Large Print), मैग्निफायर अथवा अन्य सहायक उपकरणों से अधिक लाभान्वित होगा।


लो विज़न सेवाएँ (Low Vision Services)

अल्पदृष्टि वाले व्यक्तियों के लिए संस्थान विशेष सेवाएँ उपलब्ध कराता है।

इनमें प्रमुख हैं—

  • लो-विजन मूल्यांकन
  • उपयुक्त उपकरणों का चयन
  • उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण
  • शैक्षिक एवं व्यावसायिक अनुकूलन

परामर्श सेवाएँ

संस्थान केवल दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार को भी परामर्श प्रदान करता है।

परामर्श के प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • दिव्यांगता की सही समझ विकसित करना।
  • शिक्षा एवं पुनर्वास की जानकारी देना।
  • मनोवैज्ञानिक सहयोग प्रदान करना।
  • सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।

समुदाय आधारित पुनर्वास

संस्थान समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास करता है। इसमें स्थानीय समुदाय, विद्यालय, पंचायत तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।


विशेष शिक्षा में NIEPVD का महत्व

भारत में दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक विशेष शिक्षा प्रणाली विकसित करने में NIEPVD का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस संस्थान ने ब्रेल शिक्षा, समावेशी शिक्षा, सहायक प्रौद्योगिकी तथा विशेष शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित किए हैं।

यह संस्थान केवल सेवा प्रदाता नहीं है, बल्कि नीति निर्माण, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी है।


राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) की संगठनात्मक संरचना

किसी भी राष्ट्रीय संस्थान की कार्यक्षमता उसकी प्रशासनिक व्यवस्था पर निर्भर करती है। राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून एक बहुविषयक (Multidisciplinary) संस्थान है, जहाँ शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा सामुदायिक सेवाओं से संबंधित अनेक विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हैं।

संस्थान का प्रशासन भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा निर्धारित नीतियों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होता है।

सामान्यतः संस्थान की प्रशासनिक संरचना में निम्नलिखित इकाइयाँ कार्य करती हैं—

  • निदेशक (Director)
  • प्रशासनिक अनुभाग
  • शैक्षणिक विभाग
  • प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास विभाग
  • पुनर्वास सेवा विभाग
  • अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ
  • ब्रेल प्रेस एवं प्रकाशन प्रभाग
  • पुस्तकालय एवं सूचना केंद्र
  • सहायक प्रौद्योगिकी (Assistive Technology) प्रकोष्ठ
  • क्षेत्रीय केंद्र (Regional Centres)
  • वित्त एवं लेखा अनुभाग

इन सभी इकाइयों का उद्देश्य दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों को समग्र एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराना है।


NIEPVD द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान केवल शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि यह एक समग्र पुनर्वास संस्थान (Comprehensive Rehabilitation Institute) है। यहाँ शिक्षा, प्रशिक्षण, चिकित्सीय सेवाएँ, परामर्श, अनुसंधान तथा सहायक तकनीक से संबंधित अनेक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं।


1. शैक्षणिक सेवाएँ (Educational Services)

संस्थान दृष्टि दिव्यांग बच्चों एवं युवाओं की शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विविध प्रकार की शैक्षणिक सेवाएँ प्रदान करता है।

इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी क्षमताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

शैक्षणिक सेवाओं में मुख्यतः शामिल हैं—

  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप (Early Intervention)
  • पूर्व-प्राथमिक शिक्षा
  • विद्यालयी शिक्षा में सहयोग
  • समावेशी शिक्षा के लिए सहायता
  • ब्रेल आधारित शिक्षण
  • अल्पदृष्टि वाले विद्यार्थियों के लिए अनुकूलित शिक्षण
  • डिजिटल शिक्षण संसाधनों का उपयोग

2. ब्रेल शिक्षा (Braille Education)

ब्रेल दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विकसित स्पर्श आधारित लिपि है, जिसका आविष्कार लुई ब्रेल (Louis Braille) ने किया था।

भारत में ब्रेल शिक्षा के विकास एवं प्रसार में NIEPVD की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

संस्थान निम्नलिखित कार्य करता है—

  • ब्रेल पढ़ना एवं लिखना सिखाना।
  • विभिन्न भारतीय भाषाओं में ब्रेल सामग्री तैयार करना।
  • गणित एवं विज्ञान के लिए विशेष ब्रेल संकेतों का उपयोग सिखाना।
  • ब्रेल लेखन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण देना।
  • शिक्षकों को ब्रेल शिक्षण विधियों का प्रशिक्षण देना।

3. ब्रेल प्रेस (Braille Press)

NIEPVD में स्थापित ब्रेल प्रेस देश के प्रमुख ब्रेल प्रकाशन केंद्रों में से एक है।

यह प्रेस दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की अध्ययन सामग्री तैयार करता है।

ब्रेल प्रेस द्वारा प्रकाशित सामग्री में शामिल हैं—

  • विद्यालयी पाठ्यपुस्तकें
  • प्रतियोगी परीक्षा सामग्री
  • संदर्भ पुस्तकें
  • बच्चों का साहित्य
  • कहानी एवं कविता संग्रह
  • धार्मिक साहित्य
  • सामान्य ज्ञान सामग्री
  • प्रशिक्षण पुस्तिकाएँ

ब्रेल प्रेस के माध्यम से देशभर के विद्यालयों, पुस्तकालयों तथा संस्थानों को ब्रेल सामग्री उपलब्ध कराई जाती है।


4. सुलभ (Accessible) अध्ययन सामग्री का विकास

वर्तमान समय में केवल ब्रेल सामग्री पर्याप्त नहीं मानी जाती। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के विकास के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सुलभ अध्ययन सामग्री विकसित की जा रही है।

NIEPVD निम्नलिखित प्रकार की अध्ययन सामग्री तैयार करता है—

  • ई-बुक (E-Books)
  • ऑडियो पुस्तकें (Audio Books)
  • DAISY (Digital Accessible Information System) पुस्तकें
  • बड़े अक्षरों (Large Print) में पुस्तकें
  • डिजिटल ब्रेल फ़ाइलें
  • स्क्रीन रीडर के अनुकूल सामग्री
  • सुलभ PDF एवं डिजिटल दस्तावेज

इन संसाधनों का उद्देश्य दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।


5. पुस्तकालय एवं सूचना सेवाएँ

NIEPVD में एक समृद्ध पुस्तकालय उपलब्ध है, जिसमें दृष्टि दिव्यांगता, विशेष शिक्षा, पुनर्वास, मनोविज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा तथा सहायक प्रौद्योगिकी से संबंधित पुस्तकों का विशाल संग्रह है।

पुस्तकालय की प्रमुख विशेषताएँ—

  • मुद्रित पुस्तकें
  • ब्रेल पुस्तकें
  • ऑडियो पुस्तकें
  • डिजिटल पुस्तकें
  • शोध प्रबंध
  • राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाएँ
  • ई-लर्निंग संसाधन

यह पुस्तकालय विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र है।


सहायक प्रौद्योगिकी (Assistive Technology)

दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों की स्वतंत्रता एवं आत्मनिर्भरता बढ़ाने में सहायक प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

NIEPVD सहायक तकनीकों के विकास, प्रदर्शन, प्रशिक्षण एवं उपयोग को बढ़ावा देता है।

संस्थान में निम्नलिखित उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाता है—

  • ब्रेल स्लेट एवं स्टायलस
  • ब्रेल टाइपराइटर
  • रिफ्रेशेबल ब्रेल डिस्प्ले
  • ब्रेल एम्बॉसर
  • स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर
  • स्क्रीन मैग्निफायर
  • इलेक्ट्रॉनिक मैग्निफायर
  • स्मार्ट केन (Smart Cane)
  • व्हाइट केन (White Cane)
  • बोलने वाली घड़ी (Talking Watch)
  • बोलने वाला कैलकुलेटर (Talking Calculator)
  • ऑडियो लेबलिंग उपकरण
  • मोबाइल आधारित अभिगम्यता (Accessibility Apps)

इन उपकरणों का उपयोग दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा, रोजगार तथा दैनिक जीवन में अधिक स्वतंत्र बनाता है।


ओरिएंटेशन एवं मोबिलिटी प्रशिक्षण (Orientation and Mobility Training)

दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति के लिए केवल पढ़ना-लिखना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उसे सुरक्षित एवं स्वतंत्र रूप से चलना-फिरना भी आना चाहिए।

इसी उद्देश्य से NIEPVD ओरिएंटेशन एवं मोबिलिटी (O&M) प्रशिक्षण प्रदान करता है।

इस प्रशिक्षण में सिखाया जाता है—

  • सफेद छड़ी (White Cane) का सही उपयोग।
  • दिशा ज्ञान (Orientation Skills) विकसित करना।
  • सड़क पार करने की तकनीक।
  • सार्वजनिक परिवहन का सुरक्षित उपयोग।
  • सीढ़ियों एवं भवनों में सुरक्षित आवागमन।
  • भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में स्वतंत्र रूप से चलना।
  • दैनिक जीवन में स्थानिक (Spatial) समझ विकसित करना।

यह प्रशिक्षण दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मविश्वास एवं स्वतंत्र जीवन जीने में सहायता प्रदान करता है।


दैनिक जीवन कौशल प्रशिक्षण (Activities of Daily Living – ADL)

दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दैनिक जीवन कौशलों का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।

संस्थान निम्नलिखित कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान करता है—

  • व्यक्तिगत स्वच्छता
  • भोजन करना
  • भोजन बनाना
  • कपड़े व्यवस्थित करना
  • धन की पहचान करना
  • समय का प्रबंधन
  • घरेलू कार्य करना
  • व्यक्तिगत सुरक्षा बनाए रखना

इन कौशलों के माध्यम से व्यक्ति दूसरों पर निर्भरता कम कर सकता है तथा आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकता है।


लो विज़न सेवाएँ (Low Vision Services)

सभी दृष्टि दिव्यांग व्यक्ति पूर्णतः नेत्रहीन नहीं होते। अनेक व्यक्तियों में कुछ उपयोगी दृष्टि (Useful Vision) शेष रहती है। ऐसे व्यक्तियों को Low Vision श्रेणी में रखा जाता है।

NIEPVD इन व्यक्तियों के लिए विशेष सेवाएँ प्रदान करता है, जिनमें शामिल हैं—

  • लो विज़न का विस्तृत मूल्यांकन।
  • कार्यात्मक दृष्टि का परीक्षण।
  • उपयुक्त लो-विज़न उपकरणों का चयन।
  • उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण।
  • अध्ययन एवं कार्यस्थल का अनुकूलन।
  • प्रकाश व्यवस्था (Lighting) संबंधी परामर्श।

इन सेवाओं का उद्देश्य शेष दृष्टि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।


मनोवैज्ञानिक एवं पारिवारिक परामर्श

दृष्टि दिव्यांगता का प्रभाव केवल व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि उसके परिवार पर भी पड़ता है।

इसी कारण NIEPVD परामर्श सेवाएँ प्रदान करता है, जिनके अंतर्गत—

  • दिव्यांगता की जानकारी देना।
  • अभिभावकों को मार्गदर्शन देना।
  • भावनात्मक सहयोग प्रदान करना।
  • करियर परामर्श देना।
  • सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।
  • समावेशी शिक्षा के विकल्पों पर मार्गदर्शन देना।

परामर्श सेवाओं का उद्देश्य परिवार एवं व्यक्ति दोनों को सशक्त बनाना है।


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • NIEPVD भारत का प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है जो दृष्टि दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करता है।
  • इसकी स्थापना 1979 में National Institute for the Visually Handicapped (NIVH) के रूप में हुई थी।
  • इसका मुख्यालय देहरादून (उत्तराखण्ड) में स्थित है।
  • यह DEPwD के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
  • यह ब्रेल शिक्षा, लो-विज़न सेवाएँ, ओरिएंटेशन एवं मोबिलिटी प्रशिक्षण, सहायक प्रौद्योगिकी तथा विशेष शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र है।

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) के शैक्षणिक कार्यक्रम

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD) का एक प्रमुख उद्देश्य दृष्टि दिव्यांगता के क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन (Human Resource Development) तैयार करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संस्थान विशेष शिक्षा, पुनर्वास, गतिशीलता (Mobility), मनोविज्ञान, सहायक प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।

इन पाठ्यक्रमों का संचालन भारतीय पुनर्वास परिषद् (Rehabilitation Council of India – RCI) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाता है। अधिकांश कार्यक्रम संबंधित विश्वविद्यालयों से संबद्ध (Affiliated) भी होते हैं।


शैक्षणिक कार्यक्रमों के उद्देश्य

NIEPVD द्वारा संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • दृष्टि दिव्यांगता के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेष शिक्षक तैयार करना।
  • पुनर्वास विशेषज्ञों का विकास करना।
  • समावेशी शिक्षा के लिए योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना।
  • आधुनिक शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण देना।
  • अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देना।
  • दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार-आधारित दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना।

RCI मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम

NIEPVD समय-समय पर RCI द्वारा अनुमोदित विभिन्न दीर्घकालीन (Long-Term) एवं अल्पकालीन (Short-Term) पाठ्यक्रम संचालित करता है। समय के साथ इन पाठ्यक्रमों में परिवर्तन हो सकता है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं में यह जानना अधिक महत्वपूर्ण है कि संस्थान RCI मान्यता प्राप्त शिक्षक एवं पुनर्वास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।

प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों में शामिल हैं—

  • B.Ed. Special Education (Visual Impairment)
  • M.Ed. Special Education (Visual Impairment)
  • Bachelor in Mobility Sciences (B.M.Sc.)
  • Integrated Special and Inclusive Teacher Education Programme (ISITEP) के अंतर्गत विशेष शिक्षा कार्यक्रम
  • विभिन्न CRE (Continuing Rehabilitation Education) कार्यक्रम
  • अल्पकालीन प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम (Capacity Building Programmes)

परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य: RCI समय-समय पर पाठ्यक्रमों में संशोधन करता है। इसलिए परीक्षा में पाठ्यक्रमों की संख्या याद करने की अपेक्षा यह समझना अधिक उपयोगी है कि NIEPVD विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में RCI मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने वाला राष्ट्रीय संस्थान है।


सतत पुनर्वास शिक्षा (Continuing Rehabilitation Education – CRE)

विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत पेशेवरों को नवीनतम ज्ञान एवं तकनीकों से अवगत कराने के लिए NIEPVD नियमित रूप से CRE कार्यक्रम आयोजित करता है।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य है—

  • विशेष शिक्षकों के ज्ञान का अद्यतन (Upgradation) करना।
  • नई शिक्षण रणनीतियों का प्रशिक्षण देना।
  • सहायक प्रौद्योगिकी के उपयोग का अभ्यास कराना।
  • समावेशी शिक्षा की नवीन अवधारणाओं से परिचित कराना।
  • पुनर्वास पेशेवरों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना।

मॉडल विद्यालय (Model School for Children with Visual Impairment)

NIEPVD में दृष्टि दिव्यांग बच्चों के लिए मॉडल विद्यालय संचालित किया जाता है। यह विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि विशेष शिक्षा की नवीन पद्धतियों के प्रयोग एवं प्रदर्शन (Demonstration) का भी केंद्र है।

इस विद्यालय की प्रमुख विशेषताएँ हैं—

  • नर्सरी से वरिष्ठ माध्यमिक स्तर तक शिक्षा (वर्तमान व्यवस्था के अनुसार)।
  • ब्रेल एवं लो-विजन दोनों प्रकार की शिक्षण व्यवस्था।
  • समावेशी शिक्षण पद्धतियों का प्रयोग।
  • सहायक तकनीकों का उपयोग।
  • खेल, संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता।
  • जीवन कौशल (Life Skills) एवं व्यावसायिक अभिविन्यास।

अनुसंधान एवं विकास (Research and Development)

NIEPVD भारत में दृष्टि दिव्यांगता के क्षेत्र में अनुसंधान करने वाले प्रमुख संस्थानों में से एक है। इसका उद्देश्य केवल सिद्धांत विकसित करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यावहारिक समाधान विकसित करना है जो दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करें।

संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में अनुसंधान करता है—

  • दृष्टि दिव्यांगता की शिक्षा।
  • समावेशी शिक्षा।
  • ब्रेल शिक्षण पद्धति।
  • अल्पदृष्टि (Low Vision) सेवाएँ।
  • सहायक प्रौद्योगिकी।
  • डिजिटल अभिगम्यता (Digital Accessibility)।
  • मनोवैज्ञानिक पुनर्वास।
  • कौशल विकास एवं रोजगार।
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप (Early Intervention)।

अनुसंधान के प्रमुख उद्देश्य

संस्थान द्वारा किए जाने वाले अनुसंधान के प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • नई शिक्षण विधियों का विकास।
  • दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों की अधिगम आवश्यकताओं का अध्ययन।
  • नवीन सहायक उपकरणों का विकास एवं परीक्षण।
  • समावेशी शिक्षा की प्रभावशीलता का मूल्यांकन।
  • पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार।
  • नीति निर्माण हेतु वैज्ञानिक आधार उपलब्ध कराना।

प्रकाशन (Publications)

NIEPVD देश में दृष्टि दिव्यांगता से संबंधित अध्ययन सामग्री एवं सुलभ प्रकाशनों का एक प्रमुख केंद्र है।

संस्थान विभिन्न प्रकार की सामग्री प्रकाशित करता है—

  • ब्रेल पाठ्यपुस्तकें।
  • बड़े अक्षरों (Large Print) में पुस्तकें।
  • ऑडियो पुस्तकें।
  • ई-पुस्तकें (E-Books)।
  • शिक्षक मार्गदर्शिकाएँ।
  • प्रशिक्षण मॉड्यूल।
  • शोध रिपोर्ट।
  • जागरूकता पुस्तिकाएँ।
  • पुनर्वास संबंधी साहित्य।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुलभ अध्ययन सामग्री।

इन प्रकाशनों का उद्देश्य दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं तथा पुनर्वास विशेषज्ञों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है।


राष्ट्रीय सुलभ पुस्तकालय (National Accessible Library)

NIEPVD के अंतर्गत National Accessible Library कार्यरत है, जो दृष्टि दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस पुस्तकालय में उपलब्ध प्रमुख संसाधन हैं—

  • ब्रेल पुस्तकें।
  • ऑडियो पुस्तकें।
  • ई-बुक।
  • डिजिटल अध्ययन सामग्री।
  • प्रतियोगी परीक्षा सामग्री।
  • संदर्भ पुस्तकें।
  • शोध साहित्य।

यह पुस्तकालय विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा पुनर्वास विशेषज्ञों के लिए अत्यंत उपयोगी संसाधन केंद्र है।


क्षेत्रीय केंद्र (Regional Centre)

देश के विभिन्न भागों में सेवाओं का विस्तार करने के लिए NIEPVD ने चेन्नई (तमिलनाडु) में एक क्षेत्रीय केंद्र (Regional Centre) स्थापित किया है। यह केंद्र विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में प्रशिक्षण, पुनर्वास तथा शैक्षणिक सेवाएँ उपलब्ध कराता है।


क्षेत्रीय अध्याय (Regional Chapters)

सेवाओं को अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से संस्थान ने निम्नलिखित स्थानों पर क्षेत्रीय अध्याय (Regional Chapters) भी स्थापित किए हैं—

  • कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
  • सिकंदराबाद (तेलंगाना)

ये अध्याय स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण, परामर्श, पुनर्वास तथा जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करते हैं।


समग्र क्षेत्रीय केंद्रों (CRCs) के साथ समन्वय

NIEPVD विभिन्न Composite Regional Centres (CRCs) के साथ भी समन्वय स्थापित कर पुनर्वास सेवाओं के विस्तार में योगदान देता है। इससे दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित होती है।


समावेशी शिक्षा में NIEPVD का योगदान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा समावेशी शिक्षा की अवधारणा को प्रभावी बनाने में NIEPVD का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करता है—

  • सामान्य विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण।
  • समावेशी शिक्षण सामग्री का विकास।
  • IEP (Individualized Education Programme) के संबंध में मार्गदर्शन।
  • दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए परीक्षा अनुकूलन संबंधी तकनीकी सहयोग।
  • सहायक तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण।
  • विद्यालयों एवं राज्य सरकारों को विशेषज्ञ परामर्श।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • स्थापना वर्ष1979
  • पूर्व नाम – National Institute for the Visually Handicapped (NIVH)
  • वर्तमान नाम – National Institute for the Empowerment of Persons with Visual Disabilities (Divyangjan) – NIEPVD
  • मुख्यालय – देहरादून, उत्तराखण्ड
  • प्रशासनिक नियंत्रण – दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  • विशेष कार्यक्षेत्र – दृष्टि दिव्यांगता एवं अल्पदृष्टि
  • महत्वपूर्ण सेवाएँ – विशेष शिक्षा, ब्रेल प्रकाशन, राष्ट्रीय सुलभ पुस्तकालय, सहायक प्रौद्योगिकी, मॉडल विद्यालय, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान, CRE कार्यक्रम एवं पुनर्वास सेवाएँ।

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