RPSC FIRST GRADE SPECIAL EDUCATION NOTES

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (National Institute for Empowerment of Persons with Multiple Disabilities – NIEPMD) | RPSC First Grade Special Education Notes

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान

(National Institute for Empowerment of Persons with Multiple Disabilities – NIEPMD)

परिचय

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (National Institute for Empowerment of Persons with Multiple Disabilities – NIEPMD) भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities – DEPwD) द्वारा संचालित एक प्रमुख राष्ट्रीय स्वायत्त संस्थान (Autonomous National Institute) है।

यह संस्थान बहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities) के क्षेत्र में भारत का अग्रणी राष्ट्रीय संस्थान है। इसका उद्देश्य बहुदिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा, पुनर्वास, स्वास्थ्य सेवाएँ, कौशल विकास, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा सामाजिक सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाना है।

बहुदिव्यांगता वाले व्यक्तियों की आवश्यकताएँ सामान्यतः एकल दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की तुलना में अधिक जटिल होती हैं। ऐसे व्यक्तियों को एक साथ अनेक प्रकार की सेवाओं की आवश्यकता होती है, जैसे—विशेष शिक्षा, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, चिकित्सा सेवाएँ तथा सामाजिक पुनर्वास। NIEPMD इन सभी सेवाओं को एकीकृत (Integrated) एवं बहुविषयक (Multidisciplinary) दृष्टिकोण से उपलब्ध कराता है।

यह संस्थान विशेष शिक्षा के क्षेत्र में बहुदिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षण मॉडल विकसित करने, विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने तथा समावेशी शिक्षा को तकनीकी सहयोग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


बहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities) का अर्थ

बहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities) से आशय ऐसी स्थिति से है जिसमें किसी व्यक्ति में दो या दो से अधिक दिव्यांगताएँ एक साथ उपस्थित हों और उनका संयुक्त प्रभाव व्यक्ति के विकास, शिक्षा, संचार, गतिशीलता तथा दैनिक जीवन की गतिविधियों पर पड़ता हो।

उदाहरण के लिए—

  • दृष्टि दिव्यांगता + श्रवण दिव्यांगता
  • बौद्धिक दिव्यांगता + चलन दिव्यांगता
  • सेरेब्रल पाल्सी + बौद्धिक दिव्यांगता
  • ऑटिज़्म + बौद्धिक दिव्यांगता
  • श्रवण दिव्यांगता + चलन दिव्यांगता

ऐसे बच्चों के लिए सामान्य विशेष शिक्षा कार्यक्रम पर्याप्त नहीं होते। उनकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिकृत एवं बहुविषयक पुनर्वास सेवाओं की आवश्यकता होती है।


संस्थान का इतिहास

भारत में लंबे समय तक बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए अलग से कोई राष्ट्रीय संस्थान उपलब्ध नहीं था। विभिन्न राष्ट्रीय संस्थान अपनी-अपनी विशिष्ट दिव्यांगताओं के लिए कार्य कर रहे थे, लेकिन ऐसे व्यक्तियों के लिए, जिनमें एक से अधिक दिव्यांगताएँ थीं, समन्वित सेवाओं का अभाव था।

विशेषज्ञों ने अनुभव किया कि बहुदिव्यांग व्यक्तियों को अलग-अलग संस्थानों में भेजने के बजाय एक ही स्थान पर समेकित सेवाएँ उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बहुदिव्यांगता के लिए एक विशेष राष्ट्रीय संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया।

इस उद्देश्य से वर्ष 2005 में राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPMD) की स्थापना मुत्तुकाडु (चेन्नई), तमिलनाडु में की गई।

आज यह संस्थान बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र है।


स्थापना संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य

विवरणजानकारी
आधिकारिक नामराष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान
अंग्रेज़ी नामNational Institute for Empowerment of Persons with Multiple Disabilities
संक्षिप्त नामNIEPMD
स्थापना वर्ष2005
मुख्यालयमुत्तुकाडु, चेन्नई (तमिलनाडु)
प्रशासनिक नियंत्रणदिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
संस्थान का स्वरूपस्वायत्त राष्ट्रीय संस्थान

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य:
NIEPMD भारत का एकमात्र राष्ट्रीय संस्थान है जो विशेष रूप से बहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities) के क्षेत्र में कार्य करता है।


संस्थान की स्थापना की आवश्यकता

NIEPMD की स्थापना निम्नलिखित उद्देश्यों को ध्यान में रखकर की गई—

बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए समेकित सेवाएँ उपलब्ध कराना

बहुदिव्यांग व्यक्तियों को विभिन्न विशेषज्ञों की सेवाओं की आवश्यकता होती है। इसलिए एक ही संस्थान में सभी आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से NIEPMD की स्थापना की गई।


विशेष शिक्षा का विकास

बहुदिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षण प्रक्रिया अत्यंत जटिल होती है। प्रत्येक बच्चे की आवश्यकताएँ अलग होती हैं। इसलिए विशेष शिक्षण विधियों एवं व्यक्तिकृत शिक्षण योजना (IEP) के विकास हेतु राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की आवश्यकता थी।


प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना

देश में बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों, पुनर्वास विशेषज्ञों एवं चिकित्सकीय पेशेवरों की संख्या सीमित थी। NIEPMD इस कमी को दूर करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।


अनुसंधान एवं नवाचार

बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में नई पुनर्वास तकनीकों, सहायक उपकरणों, शिक्षण रणनीतियों तथा सेवा मॉडल विकसित करने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देना संस्थान का एक प्रमुख उद्देश्य है।


समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना

संस्थान सामान्य विद्यालयों, विशेष विद्यालयों तथा राज्य सरकारों को तकनीकी सहायता प्रदान करता है ताकि बहुदिव्यांग बच्चे भी समावेशी शिक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें।


संस्थान का दृष्टिकोण (Vision)

ऐसा समावेशी समाज विकसित करना जहाँ बहुदिव्यांग व्यक्ति समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पुनर्वास सेवाएँ तथा सम्मानजनक जीवन प्राप्त कर सकें और समाज की मुख्यधारा में सक्रिय रूप से भागीदारी कर सकें।


संस्थान का मिशन (Mission)

बहुदिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण, सहायक प्रौद्योगिकी, कौशल विकास एवं सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सशक्त बनाना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना।


संस्थान के प्रमुख उद्देश्य

NIEPMD निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कार्य करता है—

  • बहुदिव्यांग व्यक्तियों का समग्र विकास।
  • गुणवत्तापूर्ण विशेष शिक्षा उपलब्ध कराना।
  • प्रारम्भिक पहचान एवं प्रारम्भिक हस्तक्षेप सेवाओं का विस्तार।
  • विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों का प्रशिक्षण।
  • अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहन।
  • सहायक एवं सुगम्य प्रौद्योगिकी का विकास एवं उपयोग।
  • परिवार एवं समुदाय को प्रशिक्षण देना।
  • समावेशी शिक्षा को तकनीकी सहयोग प्रदान करना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण (Capacity Building) करना।
  • बहुदिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।

NIEPMD की कार्य-दर्शन (Core Philosophy)

NIEPMD का मूल सिद्धांत है कि प्रत्येक बहुदिव्यांग व्यक्ति अपनी क्षमताओं के अनुसार सीख सकता है, विकास कर सकता है और समाज में सार्थक योगदान दे सकता है।

संस्थान व्यक्ति-केंद्रित (Person-Centred) तथा बहुविषयक (Multidisciplinary) दृष्टिकोण अपनाता है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए उसकी आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत पुनर्वास योजना तैयार की जाती है।


बहुविषयक टीम (Multidisciplinary Team)

NIEPMD में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मिलकर कार्य करते हैं।

इस टीम में सामान्यतः निम्नलिखित विशेषज्ञ शामिल होते हैं—

  • विशेष शिक्षक
  • फिजियोथेरेपिस्ट
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट
  • स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट
  • नैदानिक मनोवैज्ञानिक
  • पुनर्वास मनोवैज्ञानिक
  • सामाजिक कार्यकर्ता
  • चिकित्सक
  • ऑर्थोटिस्ट एवं प्रोस्थेटिस्ट
  • व्यावसायिक प्रशिक्षक

यह टीम प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिकृत पुनर्वास योजना (Individualized Rehabilitation Plan – IRP) तथा व्यक्तिकृत शैक्षिक योजना (Individualized Education Plan – IEP) तैयार करती है।


विशेष शिक्षा में NIEPMD का महत्व

भारत में बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं समन्वित विशेष शिक्षा प्रणाली विकसित करने में NIEPMD का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इस संस्थान ने—

  • बहुदिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षण मॉडल विकसित किए।
  • IEP आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया।
  • विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया।
  • परिवार-केंद्रित एवं समुदाय-केंद्रित पुनर्वास मॉडल विकसित किए।
  • समावेशी शिक्षा के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
  • सहायक प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित किया।
  • बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान की।

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPMD) की संगठनात्मक संरचना

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPMD) एक बहुविषयक (Multidisciplinary) एवं अंतर्विषयक (Interdisciplinary) दृष्टिकोण पर कार्य करने वाला राष्ट्रीय संस्थान है। बहुदिव्यांगता की प्रकृति जटिल होने के कारण किसी एक विशेषज्ञ द्वारा सभी आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना संभव नहीं होता। इसलिए इस संस्थान में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मिलकर प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार समन्वित सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं।

संस्थान का प्रशासन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा निर्धारित नीतियों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होता है। संस्थान शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा सामुदायिक सेवाओं के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता केंद्र के रूप में कार्य करता है।


संस्थान के प्रमुख विभाग

NIEPMD में अनेक विशेषज्ञ विभाग कार्यरत हैं। प्रत्येक विभाग अपनी विशिष्ट सेवाएँ प्रदान करता है, किन्तु सभी विभाग मिलकर व्यक्ति के समग्र विकास के लिए कार्य करते हैं।

संस्थान के प्रमुख विभाग निम्नलिखित हैं—

  • विशेष शिक्षा विभाग (Department of Special Education)
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप विभाग (Department of Early Intervention)
  • फिजियोथेरेपी विभाग (Department of Physiotherapy)
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी विभाग (Department of Occupational Therapy)
  • स्पीच एवं लैंग्वेज पैथोलॉजी विभाग (Department of Speech and Language Pathology)
  • नैदानिक मनोविज्ञान विभाग (Department of Clinical Psychology)
  • पुनर्वास मनोविज्ञान विभाग
  • सामाजिक कार्य विभाग (Department of Social Work)
  • चिकित्सा पुनर्वास विभाग
  • सहायक प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम अंग विभाग
  • अनुसंधान एवं विकास विभाग
  • प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास विभाग

इन विभागों के समन्वित कार्य के कारण प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक सेवाएँ प्राप्त होती हैं।


NIEPMD द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ

संस्थान बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ही परिसर में अनेक प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य व्यक्ति एवं उसके परिवार को विभिन्न संस्थानों के चक्कर लगाने से बचाना तथा समेकित पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ निम्नलिखित हैं—

  • प्रारम्भिक पहचान (Early Identification)
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप (Early Intervention)
  • विशेष शिक्षा
  • चिकित्सा पुनर्वास
  • मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
  • स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी
  • फिजियोथेरेपी
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी
  • सहायक उपकरणों का मूल्यांकन एवं प्रशिक्षण
  • जीवन कौशल प्रशिक्षण
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • परिवार परामर्श
  • सामुदायिक पुनर्वास
  • समावेशी शिक्षा हेतु तकनीकी सहायता

प्रारम्भिक पहचान (Early Identification)

बहुदिव्यांगता की शीघ्र पहचान व्यक्ति के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि जन्म के बाद प्रारम्भिक अवस्था में विकास संबंधी कठिनाइयों की पहचान कर ली जाए, तो समय पर आवश्यक सेवाएँ प्रदान करके व्यक्ति की कार्यात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।

संस्थान में प्रारम्भिक पहचान के अंतर्गत निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं—

  • विकासात्मक जाँच (Developmental Screening)
  • चिकित्सकीय परीक्षण
  • मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन
  • श्रवण एवं दृष्टि परीक्षण
  • मोटर विकास का मूल्यांकन
  • संचार क्षमता का मूल्यांकन
  • कार्यात्मक क्षमता का परीक्षण

मूल्यांकन के आधार पर प्रत्येक बच्चे के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप योजना तैयार की जाती है।


प्रारम्भिक हस्तक्षेप (Early Intervention)

प्रारम्भिक हस्तक्षेप कार्यक्रम NIEPMD की सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है।

यह कार्यक्रम मुख्यतः जन्म से लगभग छह वर्ष तक के बच्चों के लिए बनाया गया है, क्योंकि इस अवधि में मस्तिष्क का विकास सबसे अधिक तीव्र गति से होता है।

प्रारम्भिक हस्तक्षेप कार्यक्रम में निम्नलिखित सेवाएँ सम्मिलित होती हैं—

  • विकासात्मक प्रशिक्षण
  • संज्ञानात्मक विकास
  • भाषा एवं संचार विकास
  • मोटर विकास
  • सामाजिक एवं भावनात्मक विकास
  • खेल आधारित शिक्षण
  • संवेदी विकास (Sensory Development)
  • अभिभावक प्रशिक्षण

इन सेवाओं का उद्देश्य बच्चे को भविष्य की शिक्षा एवं दैनिक जीवन के लिए तैयार करना है।


विशेष शिक्षा सेवाएँ

NIEPMD में बहुदिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षा की वैज्ञानिक व्यवस्था उपलब्ध है।

संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं का मूल्यांकन करता है तथा उसी के अनुसार शिक्षण कार्यक्रम तैयार करता है।

विशेष शिक्षा कार्यक्रमों में निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाता है—

  • भाषा एवं संचार विकास
  • कार्यात्मक शिक्षा (Functional Academics)
  • संज्ञानात्मक विकास
  • आत्म-देखभाल (Self-Care Skills)
  • सामाजिक कौशल
  • व्यवहार प्रबंधन
  • दैनिक जीवन कौशल
  • व्यावसायिक पूर्व तैयारी (Pre-Vocational Skills)

शिक्षण प्रक्रिया में व्यक्तिकृत शैक्षिक योजना (Individualized Education Plan – IEP) का उपयोग किया जाता है।


चिकित्सा पुनर्वास सेवाएँ (Medical Rehabilitation Services)

बहुदिव्यांग व्यक्तियों को अक्सर चिकित्सा एवं पुनर्वास सेवाओं की भी आवश्यकता होती है।

संस्थान में विभिन्न विशेषज्ञ मिलकर व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार चिकित्सा पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करते हैं।

इन सेवाओं में शामिल हैं—

  • चिकित्सकीय परामर्श
  • कार्यात्मक मूल्यांकन
  • पुनर्वास योजना
  • नियमित अनुवर्ती सेवाएँ (Follow-up)
  • सहायक उपकरणों का मूल्यांकन

फिजियोथेरेपी (Physiotherapy)

बहुदिव्यांग व्यक्तियों में अक्सर शारीरिक गतिविधियों, संतुलन तथा गतिशीलता से संबंधित कठिनाइयाँ देखी जाती हैं।

फिजियोथेरेपी का उद्देश्य—

  • मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाना।
  • शरीर का संतुलन विकसित करना।
  • चलने-फिरने की क्षमता में सुधार करना।
  • जोड़ो की गतिशीलता बनाए रखना।
  • स्वतंत्र गतिशीलता को प्रोत्साहित करना।

फिजियोथेरेपिस्ट प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार उपचार योजना तैयार करते हैं।


ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Occupational Therapy)

ऑक्यूपेशनल थेरेपी व्यक्ति को दैनिक जीवन की गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करती है।

इस थेरेपी के अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्रों पर कार्य किया जाता है—

  • सूक्ष्म मोटर कौशल (Fine Motor Skills)
  • हाथ-आँख समन्वय
  • लेखन कौशल की तैयारी
  • दैनिक जीवन की गतिविधियाँ
  • संवेदी एकीकरण (Sensory Integration)
  • कार्यात्मक स्वतंत्रता

इससे व्यक्ति स्वयं भोजन करना, कपड़े पहनना, लिखना, वस्तुओं का उपयोग करना तथा अन्य दैनिक कार्य अधिक स्वतंत्रता से कर पाता है।


स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी

बहुदिव्यांग व्यक्तियों में संचार संबंधी कठिनाइयाँ सामान्यतः अधिक जटिल होती हैं।

इसलिए संस्थान स्पीच एवं लैंग्वेज थेरेपी की व्यापक सेवाएँ प्रदान करता है।

इन सेवाओं में शामिल हैं—

  • भाषा मूल्यांकन।
  • संचार क्षमता का विकास।
  • उच्चारण सुधार।
  • वैकल्पिक एवं संवर्धित संचार (AAC) का उपयोग।
  • अभिव्यक्तिपूर्ण एवं ग्रहणशील भाषा का विकास।
  • सामाजिक संचार कौशल।

मनोवैज्ञानिक सेवाएँ

NIEPMD में मनोवैज्ञानिक सेवाओं का उद्देश्य व्यक्ति की संज्ञानात्मक, भावनात्मक एवं व्यवहारिक आवश्यकताओं का मूल्यांकन करना है।

इन सेवाओं के अंतर्गत—

  • मनोवैज्ञानिक परीक्षण।
  • व्यवहार मूल्यांकन।
  • परामर्श सेवाएँ।
  • परिवार मार्गदर्शन।
  • सामाजिक समायोजन प्रशिक्षण।

प्रदान किया जाता है।


सहायक उपकरण एवं सहायक प्रौद्योगिकी

बहुदिव्यांग व्यक्तियों की स्वतंत्रता एवं कार्यात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरणों का उपयोग किया जाता है।

संस्थान आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त उपकरणों के चयन एवं प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करता है।

इनमें प्रमुख हैं—

  • व्हीलचेयर
  • वॉकर
  • ट्राइपॉड एवं क्वाडपॉड
  • ऑर्थोसिस
  • प्रोस्थेसिस
  • संचार बोर्ड
  • AAC उपकरण
  • विशेष बैठने की व्यवस्था (Special Seating Devices)
  • सहायक कंप्यूटर तकनीक

परिवार परामर्श

संस्थान यह मानता है कि बहुदिव्यांग व्यक्ति के विकास में परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

इसी कारण अभिभावकों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है—

  • घर पर प्रशिक्षण कैसे दें।
  • व्यवहार प्रबंधन।
  • दैनिक जीवन कौशल का अभ्यास।
  • सहायक उपकरणों का उपयोग।
  • शिक्षा एवं पुनर्वास योजनाएँ।
  • सरकारी योजनाओं एवं अधिकारों की जानकारी।

समुदाय आधारित पुनर्वास (Community Based Rehabilitation – CBR)

NIEPMD समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक सेवाएँ पहुँचाने का प्रयास करता है।

इन कार्यक्रमों के प्रमुख उद्देश्य हैं—

  • समुदाय में जागरूकता बढ़ाना।
  • स्थानीय संसाधनों का उपयोग करना।
  • परिवारों को प्रशिक्षण देना।
  • विद्यालयों को तकनीकी सहायता देना।
  • समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • स्थानीय स्तर पर पुनर्वास सेवाओं का विकास करना।

विशेष शिक्षा में NIEPMD का योगदान

NIEPMD ने भारत में बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास को नई दिशा प्रदान की है।

इस संस्थान ने—

  • बहुदिव्यांग बच्चों के लिए समेकित पुनर्वास मॉडल विकसित किए।
  • IEP आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाया।
  • बहुविषयक टीम दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया।
  • परिवार-केंद्रित पुनर्वास मॉडल विकसित किया।
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप सेवाओं का विस्तार किया।
  • विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों को प्रशिक्षित किया।
  • समावेशी शिक्षा के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • संक्षिप्त नामNIEPMD
  • स्थापना वर्ष2005
  • मुख्यालय – मुत्तुकाडु, चेन्नई (तमिलनाडु)
  • प्रमुख कार्यक्षेत्र – बहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities)
  • प्रशासनिक नियंत्रण – दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD)
  • विशेषता – भारत का प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान जो विशेष रूप से बहुदिव्यांग व्यक्तियों की शिक्षा, पुनर्वास, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के लिए कार्य करता है।

NIEPMD द्वारा संचालित शैक्षणिक कार्यक्रम

राष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPMD) का एक प्रमुख उद्देश्य बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में योग्य एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संस्थान विशेष शिक्षा, पुनर्वास विज्ञान, चिकित्सा पुनर्वास, सहायक प्रौद्योगिकी तथा बहुविषयक सेवाओं से संबंधित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।

इन कार्यक्रमों का संचालन भारतीय पुनर्वास परिषद् (Rehabilitation Council of India – RCI) के मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जाता है। समय-समय पर आवश्यकता एवं नीतिगत परिवर्तनों के अनुरूप इन कार्यक्रमों में संशोधन भी किया जाता है।


शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रमुख उद्देश्य

संस्थान द्वारा संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल डिग्री अथवा प्रमाण-पत्र प्रदान करना नहीं है, बल्कि ऐसे दक्ष एवं संवेदनशील पुनर्वास पेशेवर तैयार करना है जो बहुदिव्यांग व्यक्तियों की विविध आवश्यकताओं को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर सकें।

इन कार्यक्रमों के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेष शिक्षक तैयार करना।
  • पुनर्वास विशेषज्ञों का विकास करना।
  • बहुविषयक टीम दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
  • समावेशी शिक्षा के लिए योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना।
  • अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना।
  • आधुनिक पुनर्वास तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • समुदाय आधारित पुनर्वास कार्यक्रमों के लिए विशेषज्ञ तैयार करना।

RCI मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम

NIEPMD समय-समय पर RCI द्वारा मान्यता प्राप्त विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञ तैयार करना है—

  • विशेष शिक्षा (बहुदिव्यांगता)
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप
  • पुनर्वास सेवाएँ
  • फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सहयोग
  • ऑक्यूपेशनल थेरेपी
  • स्पीच एवं लैंग्वेज पुनर्वास
  • समावेशी शिक्षा
  • क्षमता निर्माण (Capacity Building)

इसके अतिरिक्त संस्थान अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, अभिमुखीकरण (Orientation) कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ तथा सतत पुनर्वास शिक्षा (Continuing Rehabilitation Education – CRE) कार्यक्रम भी आयोजित करता है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य:
RPSC परीक्षा में सामान्यतः यह पूछा जाता है कि NIEPMD बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में RCI मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने वाला राष्ट्रीय संस्थान है।


सतत पुनर्वास शिक्षा (Continuing Rehabilitation Education – CRE)

विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर नए शोध एवं तकनीकों का विकास हो रहा है। इसलिए कार्यरत विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों के ज्ञान एवं कौशल को अद्यतन बनाए रखने के लिए NIEPMD नियमित रूप से CRE कार्यक्रम आयोजित करता है।

इन कार्यक्रमों में निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है—

  • बहुदिव्यांगता का समग्र प्रबंधन।
  • समावेशी शिक्षा की नवीन अवधारणाएँ।
  • IEP का निर्माण एवं क्रियान्वयन।
  • सहायक एवं संवर्धित संचार (AAC)।
  • व्यवहार प्रबंधन।
  • जीवन कौशल शिक्षा।
  • सहायक प्रौद्योगिकी का उपयोग।
  • परिवार-केंद्रित पुनर्वास।

इन कार्यक्रमों से पुनर्वास पेशेवरों की व्यावसायिक दक्षता में निरंतर वृद्धि होती है।


अनुसंधान एवं विकास (Research and Development)

NIEPMD बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को विशेष महत्व देता है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करना है जिनका उपयोग विशेष विद्यालयों, समावेशी विद्यालयों, पुनर्वास केंद्रों तथा समुदाय स्तर पर किया जा सके।


अनुसंधान के प्रमुख क्षेत्र

संस्थान निम्नलिखित विषयों पर अनुसंधान करता है—

  • बहुदिव्यांगता का प्रारम्भिक मूल्यांकन।
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप कार्यक्रम।
  • बहुविषयक पुनर्वास मॉडल।
  • समावेशी शिक्षा।
  • जीवन कौशल विकास।
  • सहायक एवं सुगम्य प्रौद्योगिकी।
  • संचार कौशल विकास।
  • परिवार आधारित पुनर्वास।
  • समुदाय आधारित पुनर्वास।
  • व्यावसायिक पुनर्वास।
  • कार्यात्मक मूल्यांकन।

अनुसंधान के प्रमुख उद्देश्य

NIEPMD के अनुसंधान कार्यक्रमों के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए प्रभावी पुनर्वास मॉडल विकसित करना।
  • नवीन शिक्षण रणनीतियों का विकास।
  • वैज्ञानिक मूल्यांकन उपकरणों का निर्माण।
  • सहायक उपकरणों की उपयोगिता का अध्ययन।
  • विशेष शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।
  • राष्ट्रीय नीतियों एवं योजनाओं के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करना।

सहायक प्रौद्योगिकी (Assistive Technology)

बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए सहायक प्रौद्योगिकी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उनकी कार्यात्मक क्षमता, संचार, गतिशीलता तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ाती है।

NIEPMD में विभिन्न प्रकार की सहायक प्रौद्योगिकियों का मूल्यांकन, चयन, अनुकूलन तथा उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इनमें प्रमुख हैं—

  • व्हीलचेयर एवं विशेष गतिशीलता उपकरण।
  • सहायक बैठने की व्यवस्था (Adaptive Seating System)।
  • संचार उपकरण (Communication Devices)।
  • AAC आधारित उपकरण।
  • कंप्यूटर आधारित सहायक तकनीक।
  • अनुकूलित शिक्षण सामग्री।
  • दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सहायक उपकरण।

इन तकनीकों का उद्देश्य व्यक्ति को अधिक स्वतंत्र एवं आत्मनिर्भर बनाना है।


मानव संसाधन विकास (Human Resource Development)

NIEPMD ने बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में योग्य मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

संस्थान द्वारा प्रशिक्षित विशेषज्ञ देशभर में विभिन्न संस्थानों में कार्यरत हैं, जैसे—

  • विशेष विद्यालय।
  • समावेशी विद्यालय।
  • पुनर्वास केंद्र।
  • अस्पताल।
  • विश्वविद्यालय।
  • सरकारी संस्थान।
  • गैर-सरकारी संगठन।
  • सामुदायिक पुनर्वास परियोजनाएँ।

इन विशेषज्ञों ने बहुदिव्यांग व्यक्तियों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है।


प्रकाशन (Publications)

NIEPMD समय-समय पर बहुदिव्यांगता एवं पुनर्वास से संबंधित विभिन्न प्रकार की अध्ययन एवं प्रशिक्षण सामग्री प्रकाशित करता है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • प्रशिक्षण पुस्तिकाएँ।
  • शिक्षक मार्गदर्शिकाएँ।
  • अभिभावक मार्गदर्शिका।
  • शोध रिपोर्ट।
  • पुनर्वास मॉड्यूल।
  • जीवन कौशल प्रशिक्षण सामग्री।
  • जागरूकता पुस्तिकाएँ।
  • समावेशी शिक्षा संबंधी संसाधन।

इन प्रकाशनों का उपयोग विशेष शिक्षकों, शोधार्थियों, पुनर्वास विशेषज्ञों तथा अभिभावकों द्वारा व्यापक रूप से किया जाता है।


समावेशी शिक्षा में NIEPMD का योगदान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा समावेशी शिक्षा की अवधारणा को प्रभावी बनाने में NIEPMD का महत्वपूर्ण योगदान है।

संस्थान निम्नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग प्रदान करता है—

  • सामान्य विद्यालयों के शिक्षकों का प्रशिक्षण।
  • बहुदिव्यांग विद्यार्थियों के लिए IEP तैयार करने में सहायता।
  • पाठ्यक्रम एवं शिक्षण सामग्री का अनुकूलन।
  • सहायक प्रौद्योगिकी के उपयोग का प्रशिक्षण।
  • कक्षा प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन।
  • अभिभावकों एवं विद्यालयों को परामर्श सेवाएँ।
  • समावेशी शिक्षा के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम।

इन प्रयासों से बहुदिव्यांग बच्चों की विद्यालयों में सहभागिता तथा अधिगम की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।


NIEPMD की प्रमुख उपलब्धियाँ

स्थापना के बाद से NIEPMD ने अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं—

  • बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
  • बहुविषयक पुनर्वास मॉडल विकसित किए।
  • विशेष शिक्षकों एवं पुनर्वास विशेषज्ञों का प्रशिक्षण सुदृढ़ किया।
  • प्रारम्भिक हस्तक्षेप सेवाओं का विस्तार किया।
  • सहायक प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया।
  • परिवार-केंद्रित एवं समुदाय-केंद्रित पुनर्वास मॉडल विकसित किए।
  • समावेशी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
  • बहुदिव्यांगता के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया।

RPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

विषयतथ्य
आधिकारिक नामराष्ट्रीय बहुदिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान
अंग्रेज़ी नामNational Institute for Empowerment of Persons with Multiple Disabilities
संक्षिप्त नामNIEPMD
स्थापना वर्ष2005
मुख्यालयमुत्तुकाडु, चेन्नई (तमिलनाडु)
प्रशासनिक नियंत्रणदिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD)
प्रमुख कार्यक्षेत्रबहुदिव्यांगता (Multiple Disabilities)
प्रमुख सेवाएँविशेष शिक्षा, प्रारम्भिक हस्तक्षेप, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी, सहायक प्रौद्योगिकी, परिवार परामर्श, अनुसंधान एवं पुनर्वास

परीक्षा टिप:
NIEPMD से संबंधित प्रश्नों में सामान्यतः स्थापना वर्ष (2005), मुख्यालय (मुत्तुकाडु, चेन्नई), कार्यक्षेत्र (बहुदिव्यांगता), RCI मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा बहुविषयक पुनर्वास सेवाएँ पूछी जाती हैं।


Disclaimer:
The information provided here is for general knowledge only. The author strives for accuracy but is not responsible for any errors or consequences resulting from its use.

Loading